14 Levels of Spiritual Journey | स्थूल से सूक्ष्म की यात्रा
14 Levels of Spiritual Journey | स्थूल से सूक्ष्म की यात्रा साधक का पथ बाहर से भीतर की यात्रा नहीं …
14 Levels of Spiritual Journey | स्थूल से सूक्ष्म की यात्रा साधक का पथ बाहर से भीतर की यात्रा नहीं …
काम-उर्जा से कुंडलिनी जागरण! | Transmute sexual energy क्या करें जब सुंदर चेहरे को देखकर मन में कामवासना उठे और …
शिव और पार्वती का संवाद | Shiva’s Meditation Technique Shiva’s Meditation Technique: भगवान शिव माँ पार्वती से कहते हैं कि …
कौन है स्वयं को खाने वाला शिवगण Kirtimukha आप सबने भारत, विशेष कर दक्षिण भारत में घरों और मंदिरों के …
Brahma Muhurta Secrets: सुबह जल्दी उठने का दिव्य विज्ञान: ब्रह्ममुहूर्त में क्यों उठाना चाहिए? यद्यपि उपरोक्त प्रश्न का वास्तविक उत्तर …
काली विपरीत प्रत्यंगिरा | Kali Vipreet Pratyangira काली विपरीत प्रत्यंगिरा Kali Vipreet Pratyangira हिंदू धर्म की तांत्रिक परंपराओं में एक …
शाप और “अष्टावक्र” Ashtavakra नाम की उत्पत्ति अष्टावक्र Ashtavakra का जन्म एक महान वेदज्ञ ऋषि कहोड़ के यहाँ हुआ। कहोड़ …
ब्रह्मचर्य क्या है? Brahmacharya ब्रह्मचर्य Brahmacharya शब्द अनेक जीवनशैली के अर्थ में है, पर आज किसी साधक के सवाल पर …
कुलदेवी कौन होती है | Kuldevi कम से कम सनातनी या हिन्दू परिवार को कुलदेवी kuldevi की जानकारी जरूर होनी …
विश्व के महान संवाद | Dialogues of Truth & Consciousness विश्व प्रसिद्ध संवाद जिन्हें पढ़कर या सुनकर लाखों लोगों का जीवन बदल गया है और जिन्हें पढ़कर दुनियाभर के राजनीतिज्ञ, नीतिज्ञ, वैज्ञानिक, आध्यामिक और दार्शनिकों ने अपना एक अलग ही धर्म, दर्शन, नीति और विज्ञान का सिद्धांत गढ़ा। पहला संवाद, अष्टावक्र और जनक संवाद | Dialogues of Truth & Consciousness अष्टावक्र दुनिया के प्रथम ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने सत्य को जैसा जाना वैसा कह दिया। न वे कवि थे और न ही दार्शनिक। चाहे वे ब्राह्मणों के शास्त्र हों या श्रमणों के, उन्हें दुनिया के किसी भी शास्त्र में कोई रुचि नहीं थी। उनका मानना था कि सत्य शास्त्रों में नहीं लिखा है। शास्त्रों में तो सिद्धांत और नियम हैं, सत्य नहीं, ज्ञान नहीं। ज्ञान तो तुम्हारे भीतर है।अष्टावक्र ने जो कहा वह ‘अष्टावक्र गीता’ नाम से प्रसिद्ध है। राजा जनक ने अष्टावक्र को अपना गुरु माना था। राजा जनक और अष्टावक्र के बीच जो संवाद हुआ उसे ‘अष्टावक्र गीता’ के नाम से जाना जाता है। …